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शिमला , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम व मुस्लमान वक्फ रिपील बिल 2025 जो पिछले कल लोकसभा में पारित हुआ था आज राज्यसभा में भी पारित होगा। उन्होनें कहा कि इस बिल से वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता आएगी और गरीब मुस्लिम समुदाय, मुस्लिम महिलाओं व पिछड़े मुस्लिम समाज को इसमें हिस्सेदारी व न्याय मिलेगा। डाॅ. सिकंदर ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धारा 40 के हटने के बाद अब वक्फ अपनी जानकारी के आधार पर किसी भी संपत्ति को वक्फ की घोषित नहीं कर सकता। इस बिल के माध्यम से केन्द्र सरकार अब यह सुनिश्चित करेगी कि वक्फ संपत्तियों का लेखा-जोखा कैग के माध्यम से होगा और संपतियों का सुनियोजित प्रबंधन इस समाज के हित में होगा। उन्होनें कहा कि वक्फ बिल में शिया और सुन्नी मुस्लमानो के अलावा 2 गैर मुस्लिम सदस्य भी होंगे और मुस्लिम समाज में पिछड़े वर्ग को भी इस बिल के माध्यम से वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। डाॅ. सिकंदर ने कहा कि अब इस बिल के माध्यम से नगर पालिका व पंचायतों के सदस्यों को भी शामिल होने का मौका मिलेगा। कैग द्वारा नियुक्त ऑडिटर्स से ही वक्फ की संपतियों का ऑडिट होगा और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैंसले के खिलाफ अब उच्च न्यायालय में भी अपील की जा सकेगी। साथ ही जिलाधीश से उपर के अधिकारी वक्फ से संबंधित विवादों के निपटारे की जांच करेंगे। उन्होनें कहा कि अब वक्फ संपतियों का ऑनलाइन पंजीकरण होगा और वक्फ संपतियों के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। अब वक्फ बोर्ड में सेवारत और सेवानिवृत अधिकारी शामिल होंगे। अब वक्फ बोर्ड को इस बिल के माध्यम से किसी भी संपति को वक्फ की घोषित करने को कोई अधिकार नहीं होगा और सरकारी संपतियों पर भी वक्फ बोर्ड दावा नहीं कर सकेगा और पुरानी सरकारी हथियाई गई संपतियों से हटेगा वक्फ का अधिकार। राज्यसभा सांसद ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अधीन संपतियों का उपयोग केवल सामाजिक कार्यों जैसे मदरसो, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमो में होगा। कुल मिलाकर इस बिल के माध्यम से वक्फ बोर्ड के कार्यों में और पारदर्शिता आएगी और वक्फ बोर्ड की आय बढ़ेगी और जिसका समाज हित में उपयोग होगा और गरीब मुस्लिम समाज को इस संशोधन के माध्यम बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
शिमला , 03 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! डाॅ. सिकंदर कुमार, राज्यसभा सांसद ने कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम व मुस्लमान वक्फ रिपील बिल 2025 जो पिछले कल लोकसभा में पारित हुआ था आज राज्यसभा में भी पारित होगा। उन्होनें कहा कि इस बिल से वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता आएगी और गरीब मुस्लिम समुदाय, मुस्लिम महिलाओं व पिछड़े मुस्लिम समाज को इसमें हिस्सेदारी व न्याय मिलेगा।
डाॅ. सिकंदर ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धारा 40 के हटने के बाद अब वक्फ अपनी जानकारी के आधार पर किसी भी संपत्ति को वक्फ की घोषित नहीं कर सकता। इस बिल के माध्यम से केन्द्र सरकार अब यह सुनिश्चित करेगी कि वक्फ संपत्तियों का लेखा-जोखा कैग के माध्यम से होगा और संपतियों का सुनियोजित प्रबंधन इस समाज के हित में होगा।
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उन्होनें कहा कि वक्फ बिल में शिया और सुन्नी मुस्लमानो के अलावा 2 गैर मुस्लिम सदस्य भी होंगे और मुस्लिम समाज में पिछड़े वर्ग को भी इस बिल के माध्यम से वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिलेगा। डाॅ. सिकंदर ने कहा कि अब इस बिल के माध्यम से नगर पालिका व पंचायतों के सदस्यों को भी शामिल होने का मौका मिलेगा।
कैग द्वारा नियुक्त ऑडिटर्स से ही वक्फ की संपतियों का ऑडिट होगा और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैंसले के खिलाफ अब उच्च न्यायालय में भी अपील की जा सकेगी। साथ ही जिलाधीश से उपर के अधिकारी वक्फ से संबंधित विवादों के निपटारे की जांच करेंगे। उन्होनें कहा कि अब वक्फ संपतियों का ऑनलाइन पंजीकरण होगा और वक्फ संपतियों के प्रबंधन में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी।
अब वक्फ बोर्ड में सेवारत और सेवानिवृत अधिकारी शामिल होंगे। अब वक्फ बोर्ड को इस बिल के माध्यम से किसी भी संपति को वक्फ की घोषित करने को कोई अधिकार नहीं होगा और सरकारी संपतियों पर भी वक्फ बोर्ड दावा नहीं कर सकेगा और पुरानी सरकारी हथियाई गई संपतियों से हटेगा वक्फ का अधिकार।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अधीन संपतियों का उपयोग केवल सामाजिक कार्यों जैसे मदरसो, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, अनाथालयों, वृद्धाश्रमो में होगा। कुल मिलाकर इस बिल के माध्यम से वक्फ बोर्ड के कार्यों में और पारदर्शिता आएगी और वक्फ बोर्ड की आय बढ़ेगी और जिसका समाज हित में उपयोग होगा और गरीब मुस्लिम समाज को इस संशोधन के माध्यम बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
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