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शिमला , 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पिछले कई दिनों से 80 हज़ार विद्यार्थियों को उनका भविष्य स्वारने वाले 2174 वोकेशनल शिक्षक अपने हकों की लड़ाई और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है । परंतु हैरानी की बात है सरकार अपने कान में रूई डाल कर गहरी निद्रा में है । यह वोकेशनल शिक्षक निजी कंपनियों से निजात चाहते है ताकि इनका मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण रोका जा सके ।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री एव पूर्व विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ मामराज पुंडीर ने सरकार से अपने मेनिफेस्टो के अनुसार इन अध्यापकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग करते हुए माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षामंत्री से इन शिक्षकों की मांगों को सुनकर इनको न्याय दिलाये । डॉ मामराज पुंडीर ने कहाँ कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षक शिक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है, इनके आपातकालीन धरने पर जाने से 80 हज़ार विद्यार्थियों की शिक्षा पर सीधा फ़र्क़ पड़ रहा है । इनका योगदान छात्रो के व्यावसायिक विकास एवम स्किल डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में 2174 वोकेशनल टीचर लंबे समय से निजी कंपनियों के अधीन प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और सरकार के इस मुदे पर ठोस कदम उठाने की माँग करते हुए डॉ पुंडीर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।
शिमला , 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में पिछले कई दिनों से 80 हज़ार विद्यार्थियों को उनका भविष्य स्वारने वाले 2174 वोकेशनल शिक्षक अपने हकों की लड़ाई और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे है । परंतु हैरानी की बात है सरकार अपने कान में रूई डाल कर गहरी निद्रा में है ।
यह वोकेशनल शिक्षक निजी कंपनियों से निजात चाहते है ताकि इनका मानसिक, शारीरिक और आर्थिक शोषण रोका जा सके ।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री एव पूर्व विशेष कार्यकारी अधिकारी डॉ मामराज पुंडीर ने सरकार से अपने मेनिफेस्टो के अनुसार इन अध्यापकों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग करते हुए माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षामंत्री से इन शिक्षकों की मांगों को सुनकर इनको न्याय दिलाये ।
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डॉ मामराज पुंडीर ने कहाँ कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों में कार्यरत वोकेशनल शिक्षक शिक्षा प्रणाली का अहम हिस्सा है, इनके आपातकालीन धरने पर जाने से 80 हज़ार विद्यार्थियों की शिक्षा पर सीधा फ़र्क़ पड़ रहा है । इनका योगदान छात्रो के व्यावसायिक विकास एवम स्किल डेवलपमेंट के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में 2174 वोकेशनल टीचर लंबे समय से निजी कंपनियों के अधीन प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं और सरकार के इस मुदे पर ठोस कदम उठाने की माँग करते हुए डॉ पुंडीर ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए और उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।
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