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शिमला, 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] !जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला की ओर से 4 अप्रैल 1905 को जिला कांगड़ा में आए भयावह भूकंप में जान गंवाने वालों की याद में जिला प्रशासन द्वारा आज आपदा जागरूकता दिवस के तौर पर रैली निकाली गई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बच्चों की रैली को हरी झंडी सीटीओ से शेर ए पंजाब तक रवाना किया। लोअर बाजार से होते हुए बच्चों ने नारेबाजी करते हुए लोगों को भूकंप एवं आपदा को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि 4 अप्रैल, 2025 को कांगड़ा भूकंप के 120 वर्ष पूरे हुए है । उस दुर्भाग्यपूर्ण घड़ी में विपत्ति-ग्रस्त लोगों की याद में जागरूकता रैली निकाली गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान आपदा का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। 1905 में भूकंप के दौरान 20 हजार के करीब लोगों ने जान गंवाई थी जबकि एक लाख से भी ज्यादा भवन क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा कभी उत्पन्न न हो और इस तरह की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। इसके अलावा जिलाधीश भवन में सभी कार्यालयों में भूकंप को लेकर मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। इस दौरान एसडीएम शिमला (ग्रामीण) कविता ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा सहित डीडीएमए के कर्मचारी उपस्थित रहे।
शिमला, 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] !
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला की ओर से 4 अप्रैल 1905 को जिला कांगड़ा में आए भयावह भूकंप में जान गंवाने वालों की याद में जिला प्रशासन द्वारा आज आपदा जागरूकता दिवस के तौर पर रैली निकाली गई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बच्चों की रैली को हरी झंडी सीटीओ से शेर ए पंजाब तक रवाना किया। लोअर बाजार से होते हुए बच्चों ने नारेबाजी करते हुए लोगों को भूकंप एवं आपदा को लेकर जागरूक रहने का आह्वान किया।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि 4 अप्रैल, 2025 को कांगड़ा भूकंप के 120 वर्ष पूरे हुए है । उस दुर्भाग्यपूर्ण घड़ी में विपत्ति-ग्रस्त लोगों की याद में जागरूकता रैली निकाली गई। उन्होंने बताया कि इस दौरान आपदा का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया गया। 1905 में भूकंप के दौरान 20 हजार के करीब लोगों ने जान गंवाई थी जबकि एक लाख से भी ज्यादा भवन क्षतिग्रस्त हुए थे।
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उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति दोबारा कभी उत्पन्न न हो और इस तरह की आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन पर विशेष बल दिया जा रहा है ताकि आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। इसके अलावा जिलाधीश भवन में सभी कार्यालयों में भूकंप को लेकर मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया।
इस दौरान एसडीएम शिमला (ग्रामीण) कविता ठाकुर, जिला राजस्व अधिकारी संजीत शर्मा सहित डीडीएमए के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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