- विज्ञापन (Article Top Ad) -
शिमला , 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! वर्ष 1905 की 4 अप्रैल को जिला कांगड़ा में आए भयावह भूकंप की स्मृति में आज शुक्रवार को प्रदेश सचिवालय में आपदा प्रबंधन द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव डी सी राणा ने बताया कि सभी को 1905 के भूकंप से सबक लेते हुए प्राकृतिक आपदाओं को लेकर सजग और सतर्क रहने की जानकारी दी है । उन्होंने कहा 1905 के भूकंप में 20 हजार लोंगो ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई दी थी। ये अब तक की रिकॉर्डिंग इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंप था।इस भूकंप मरने वालों को याद किया उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1905 में आये कांगड़ा के विनाशकारी भूकंप को सरकार ने आज के दिन 4 अप्रैल को आपदा जागरूकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालय में मॉकड्रिल के आयोजन किये जा रहे है।इसी कार्यक्रम के तहत प्रदेश सचिवालय में भी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि 120 वर्ष पूर्व आए कांगड़ा भूकंप ने देश में और विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में भूकंपीय सुरक्षा के महत्व को समझाया इसके अलावा, भूकंप के आने पर लोगों को बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएँ कभी भी हो सकती हैं, और हमें उनसे निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
शिमला , 04 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! वर्ष 1905 की 4 अप्रैल को जिला कांगड़ा में आए भयावह भूकंप की स्मृति में आज शुक्रवार को प्रदेश सचिवालय में आपदा प्रबंधन द्वारा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आपदा प्रबंधन सचिव डी सी राणा ने बताया कि सभी को 1905 के भूकंप से सबक लेते हुए प्राकृतिक आपदाओं को लेकर सजग और सतर्क रहने की जानकारी दी है ।
उन्होंने कहा 1905 के भूकंप में 20 हजार लोंगो ने इस हादसे में अपनी जान गंवाई दी थी। ये अब तक की रिकॉर्डिंग इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंप था।इस भूकंप मरने वालों को याद किया उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1905 में आये कांगड़ा के विनाशकारी भूकंप को सरकार ने आज के दिन 4 अप्रैल को आपदा जागरूकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालय में मॉकड्रिल के आयोजन किये जा रहे है।इसी कार्यक्रम के तहत प्रदेश सचिवालय में भी मॉकड्रिल का आयोजन किया गया है।
- विज्ञापन (Article Inline Ad) -
उन्होंने कहा कि 120 वर्ष पूर्व आए कांगड़ा भूकंप ने देश में और विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में भूकंपीय सुरक्षा के महत्व को समझाया इसके अलावा, भूकंप के आने पर लोगों को बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएँ कभी भी हो सकती हैं, और हमें उनसे निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 1) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 2) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 3) -
- विज्ञापन (Sidebar Ad 4) -