!! लाहौल ! त्रिलोकनाथ मन्दिर में शिव के सिर पर वुद्व भगवान की मूर्ति विराजमान। !!

अंतिम अपडेट 14-Feb-2020 10:31:20 am

रंजीत लाहौली

लाहौल ! जनजातीय लाहौल घाटी के त्रिलोकनाथ मन्दिर में त्रिलोकनाथ शिव के सिर पर वुद्व भगवान की मूर्ति विराजमान हैं ! इस मंदिर में लोग एक देवता को दो रूपों में पूजते हैं । इस प्राचीन मंदिर के अंदर दो बड़े -बड़े स्तम्भं स्थापित किये गए है ! पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इन स्तम्भों में एक पाप का और दूसरा स्तम्भं पुण्य का मन जाता है ! इस मंदिर में त्रिलोकिनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं
को इन दोनों स्तम्भों के बीच से गुजरना पड़ता है ! ऐसा माना जाता है की यहां इनसान को पाप और पुण्य के फल का पता चलता है ! एक पौराणिक कथा के अनुसार त्रिलोकनाथ शिव को एक गडरिया ने सात बहनों के साथ पकड़ा था जो की रोज उनकी गायों का दूध पी लेते थे ! इसलिए गडरिया को रोज गांव वालों से गाली सुननी पड़ती थी ! एक दिन गड़रिये ने जंगल में बृक्ष के पीछे छुप कर त्रिलोकीनाथ को देख लिया और उसने झट से देवरूप को पकड़ लिया और उठा के गांव की तरफ चल पड़ा ! इसी बीच पीछे सात बहनों ने गडरिया को आवाज लगाई ! जब गड़रिये ने पीछे देखो तो उसकी सात बहने शैल बन गई थी ! लाहौल घाटी में आज भी सात बहनों के नाम पर पानी की सात धाराएं चलतीं है !


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