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किन्नौर ! भाजपा जिला किन्नौर द्वारा स्वर्गीय विमल नेगी को श्रद्धांजलि एवं न्याय दिलवाने हेतु रामलीला मैदान रिकांगपिओ में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया और कैंडल मार्च में भाग लिया, इस आयोजन में किन्नौर से चुनाव लड़े प्रत्याशी सूरत नेगी विशेष रूप में उपस्थित रहे। कैंडल मार्च में स्वर्गीय विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी एवं बड़े भाई सुरेंद्र नेगी एवं विधायक बलबीर वर्मा भी उपस्थित रहे। स्वर्गीय विमल नेगी की पत्नी एवं भाई ने इस कैंडल मार्च के दौरान प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच की खुली मांग की, इस दौरान किरण एवं सुरेंदर नेगी ने निष्पक्ष एवं तेज जांच की मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार को कहा कि जब इस मौत के पीछे बड़े-बड़े नाम उजागर हो रहे हैं तो हमारा मानना यह है कि सीबीआई को इस मामले की जांच सौंप देनी चाहिए जिससे निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही होगी। इस अवसर पर सूरत नेगी ने कहा कि पहले ही दिन से भाजपा पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और लगातार सड़कों से लेकर विधानसभा सदन तक प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच की मांग कर रही है, पर प्रदेश सरकार मौन क्यों है ? मौन के कारण सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठाते हैं। जनता स्वर्गीय विमल नेगी के लिए न्याय मांग रही है, पूरे प्रदेश में वी वांट जस्टिस के नारे लग रहे हैं, यहां तक की सरकार के कर्मचारी भी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर है पर सरकार चुप क्यों है ? यह समझ से बाहर है। विमल नेगी के परिवारजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच करवाए, हमारी मांग केवल एक कभी मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं कहा कि सीबीआई जांच ना हो। अगर ऐसी कोई चर्चाएं हिमाचल प्रदेश में चल रही है तो वह पूरी तरह से झूठी है और हम इसको जड़ से खारिज करते हैं। सूरत नेगी ने कहा कि एक तरफ जहां स्वर्गीय विमल नेगी की मौत को लेकर पूरे प्रदेश में संवेदनशील वातावरण खड़ा हो गया है दूसरी ओर वर्तमान कांग्रेस के मंत्री जगत नेगी इस मामले की तुलना गुड़िया रेप एवं हत्याकांड से करते हैं और दोनों मामलों को आम बताते हैं। इसे ब्यान से कांग्रेस पार्टी की मानसिकता जनता के समक्ष स्पष्ट हो गई है कि किसी भी प्रकार के संवेदनशील मामले को लेकर यह सरकार गंभीर नहीं है, यही एक बहुत बड़ा कारण है कि पूरा प्रदेश इस मामले में सीबीआई की जांच मांग रहा है। प्रदेश की सरकार को सीबीआई जांच दे देनी चाहिए नहीं तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा। सूरत नेगी ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले की जांच पूरी करने में अभी 10 दिन और लगेंगे। बस केवल मात्र यह सरकार समय पर समय मांगी चली जा रही है और कोई काम नहीं कर रही है। अब तक की जांच में सामने आया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अपने अधीनस्थ को प्रताड़ित किया जाता रहा है। विमल नेगी भी इसके भुगतभोगी रहे हैं। यह भी पता चला है कि विमल को दफ्तर में दो-दो घंटे तक खड़ा रखा जाता था। विमल नेगी को किसी काम को लेकर कार्यालय से फोन आया था। उसके बाद से वह लापता हो गए थे। कई कर्मचारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने आठ के बजाए 12-12 घंटे ड्यूटी दी है। वहीं, निलंबित चल रहे पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज को छोड़कर अधिकारियों, कर्मचारियों और परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पता चला है कि देशराज ज्यादातर समय सचिवालय में रहते थे। अधिकारियों और नेताओं से उनका मिलना-जुलना लगा रहता है। विमल नेगी पर काम का दबाव था। जो काम नहीं हो सकता था, उसको करने के लिए भी उन पर दबाव बनाया जाता था। उधर, विमल नेगी के परिजनों ने कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देशराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिकारी प्रतिदिन नेगी पर मानसिक दबाव बनाते थे। इसके चलते वह परेशान रहते थे। यह जानकारी भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने सांझा की।
किन्नौर ! भाजपा जिला किन्नौर द्वारा स्वर्गीय विमल नेगी को श्रद्धांजलि एवं न्याय दिलवाने हेतु रामलीला मैदान रिकांगपिओ में कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। आयोजन में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लिया और कैंडल मार्च में भाग लिया, इस आयोजन में किन्नौर से चुनाव लड़े प्रत्याशी सूरत नेगी विशेष रूप में उपस्थित रहे। कैंडल मार्च में स्वर्गीय विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी एवं बड़े भाई सुरेंद्र नेगी एवं विधायक बलबीर वर्मा भी उपस्थित रहे।
स्वर्गीय विमल नेगी की पत्नी एवं भाई ने इस कैंडल मार्च के दौरान प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच की खुली मांग की, इस दौरान किरण एवं सुरेंदर नेगी ने निष्पक्ष एवं तेज जांच की मांग उठाते हुए प्रदेश सरकार को कहा कि जब इस मौत के पीछे बड़े-बड़े नाम उजागर हो रहे हैं तो हमारा मानना यह है कि सीबीआई को इस मामले की जांच सौंप देनी चाहिए जिससे निष्पक्ष तरीके से कार्यवाही होगी।
इस अवसर पर सूरत नेगी ने कहा कि पहले ही दिन से भाजपा पीड़ित परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और लगातार सड़कों से लेकर विधानसभा सदन तक प्रदेश सरकार से सीबीआई जांच की मांग कर रही है, पर प्रदेश सरकार मौन क्यों है ? मौन के कारण सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठाते हैं। जनता स्वर्गीय विमल नेगी के लिए न्याय मांग रही है, पूरे प्रदेश में वी वांट जस्टिस के नारे लग रहे हैं, यहां तक की सरकार के कर्मचारी भी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर है पर सरकार चुप क्यों है ? यह समझ से बाहर है।
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विमल नेगी के परिवारजनों ने कहा कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच करवाए, हमारी मांग केवल एक कभी मुख्यमंत्री को ऐसा नहीं कहा कि सीबीआई जांच ना हो। अगर ऐसी कोई चर्चाएं हिमाचल प्रदेश में चल रही है तो वह पूरी तरह से झूठी है और हम इसको जड़ से खारिज करते हैं।
सूरत नेगी ने कहा कि एक तरफ जहां स्वर्गीय विमल नेगी की मौत को लेकर पूरे प्रदेश में संवेदनशील वातावरण खड़ा हो गया है दूसरी ओर वर्तमान कांग्रेस के मंत्री जगत नेगी इस मामले की तुलना गुड़िया रेप एवं हत्याकांड से करते हैं और दोनों मामलों को आम बताते हैं। इसे ब्यान से कांग्रेस पार्टी की मानसिकता जनता के समक्ष स्पष्ट हो गई है कि किसी भी प्रकार के संवेदनशील मामले को लेकर यह सरकार गंभीर नहीं है, यही एक बहुत बड़ा कारण है कि पूरा प्रदेश इस मामले में सीबीआई की जांच मांग रहा है। प्रदेश की सरकार को सीबीआई जांच दे देनी चाहिए नहीं तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा।
सूरत नेगी ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले की जांच पूरी करने में अभी 10 दिन और लगेंगे। बस केवल मात्र यह सरकार समय पर समय मांगी चली जा रही है और कोई काम नहीं कर रही है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से अपने अधीनस्थ को प्रताड़ित किया जाता रहा है। विमल नेगी भी इसके भुगतभोगी रहे हैं। यह भी पता चला है कि विमल को दफ्तर में दो-दो घंटे तक खड़ा रखा जाता था। विमल नेगी को किसी काम को लेकर कार्यालय से फोन आया था। उसके बाद से वह लापता हो गए थे। कई कर्मचारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने आठ के बजाए 12-12 घंटे ड्यूटी दी है। वहीं, निलंबित चल रहे पावर कॉरपोरेशन के निदेशक देशराज को छोड़कर अधिकारियों, कर्मचारियों और परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पता चला है कि देशराज ज्यादातर समय सचिवालय में रहते थे। अधिकारियों और नेताओं से उनका मिलना-जुलना लगा रहता है।
विमल नेगी पर काम का दबाव था। जो काम नहीं हो सकता था, उसको करने के लिए भी उन पर दबाव बनाया जाता था। उधर, विमल नेगी के परिजनों ने कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा और निदेशक देशराज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि अधिकारी प्रतिदिन नेगी पर मानसिक दबाव बनाते थे। इसके चलते वह परेशान रहते थे। यह जानकारी भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने सांझा की।
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