शिमला ! देवभूमि में सनातन संस्कृति की पहचान संस्कृत भाषा को नही मिल रहा स्थान,प्रदेश की दूसरी राजभाषा संस्कृत को पढ़ने में अंकुश लगाना शर्मनाक – आकाश नेगी !

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शिमला , 01 अप्रैल [ विशाल सूद ] ! अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश मंत्री आकाश नेगी ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों के चलते हिमाचल प्रदेश में तीसरी से पांचवी कक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब एक शैक्षणिक सत्र के बाद ही संस्कृत विषय को कक्षाओं से हटा दिया गया है ।

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इसके चलते अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तीसरी से पांचवी कक्षा के छात्र नए शैक्षणिक सत्र से संस्कृत विषय को नहीं पढ़ पाएंगे संस्कृत विषय को स्कूलों में पढ़ाए जाने के लिए राज्य सरकार व शिक्षा निदेशालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है इसके चलते अब प्रदेश शिक्षा बोर्ड की ओर से संस्कृत की किताबों की छपाई भी नहीं की गई है और न ही स्कूलों में भेजी गई है वही बोर्ड की ओर से पिछले वर्ष एक सत्र की प्रिंट की गई संस्कृत विषय की किताबों को स्कूलों के पुस्तकालय में रखने का निर्णय लिया है वही संस्कृत विषय को स्कूलों के एक ही सत्र में हटाए जाने का सबसे बड़ा कारण शिक्षकों की उपलब्धता न होना बताया जा रहा है।

प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालय में बोर्ड की ओर से शैक्षणिक सत्र 2023 से 2024 में हिमाचल की दूसरी राजभाषा को बढ़ावा देने के लिए तीसरी कक्षा से पांचवी कक्षा तक के छात्रों को संस्कृत विषय को लगाया गया था लेकिन यही योजना सफल नहीं हो रही और 1 साल के बाद ही संस्कृत विषय को बंद करनापड़ा जानकारी के अनुसार संस्कृत को पढ़ने के लिए शिक्षक न होने से विषय को बंद करने के लिए सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी की गई है

इतना ही नहीं पूर्व के सत्र में न ही बोर्ड की ओर से संस्कृत विषय के प्रश्न पत्र प्रिंट छपवाकर स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं के लिए भेजे गए थे जिसके बाद स्कूलों में शिक्षकों ने खुद ही प्रश्न पत्र बनाकर छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं ली थी गौरतलब है कि प्रदेश में सभी राजकीय स्कूलों में स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से तीसरी कक्षा से संस्कृत विषय को लगाया गया है जिसके बाद अब इसको बंद करने की नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है।

प्रांत मंत्री आकाश नेगी ने कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने अपनी शिक्षा विरोधी नीतियों में रोक न लगाई तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ऐसी नीतियों के खिलाफ उग्र आंदोलन खड़ा करेगाऔर सड़को में उतरने में भी कोई लिहाज़ नही करेगा।

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