शिमला ! नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया की बैठक में पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा !

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शिमला ! नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया की बैठक हिमाचल इकाई के अध्यक्ष रणेश राणा की अध्यक्षता में शिमला में आयोजित हुई। बैठक में पत्रकारों की समस्याओं पर चर्चा की गई और साथ ही शिमला कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किया गया।

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बैठक में सभी की सहमति से वरिष्ठ पत्रकार अर्चना फुल को एनयूजेआई हिमाचल का मुख्य सरंक्षक बनाया गया। जबकि शिमला जिला कार्यकारिणी में अध्यक्ष का जिम्मा मोहन चौहान व महासचिव वीरेंद्र खागटा को चुना गया। इसके अतिरिक्त जिला उपाध्यक्ष पद पर शिमला से दीपिका शर्मा, कुमारसेन से अनिल कंवर व रामपुर बुशहर से प्रेम राज कश्यप का चयन हुआ। जिला सचिव का जिम्मा नीतू वर्मा व अभिषेक शर्मा और कोषाध्यक्ष का जिम्मा जया शर्मा को सौंपा गया है। इस बैठक में शिमला, ठियोग, कुमारसेन, रामपुर बुशहर, राजगढ़, सिरमौर और सोलन जिला से भी पत्रकारों ने भाग लिया।

बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि पत्रकारों की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता की जाएगी। जिसे लेकर जल्द पदाधिकारी ज्ञापन सौंपेंगे। पत्रकारों का एक स्वर में कहना था कि लाख कोशिशों के बाद भी न तो प्रदेश सरकार ने और न ही केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के बीच अपनी जान जोखिम में डाल कर जन जन तक सूचनाएं पहुंचाने वाले पत्रकारों को कोरोना योद्धा घोषित किया गया। हां दिल बहलाने के लिए गाहे बगाहे उन्हें कोरोना योद्धा जुबानी तौर पर कोरोना योद्धा बोलते रहे। जबकि पत्रकारों ने भी स्वास्थ्य कर्मियों की तर्ज पर सरकार और समाज की हर सूचना का आदान प्रदान किया। यूनियन का कहना था कि पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों ने कई वर्ष पूर्व पत्रकारों को पेंशन सुविधा प्रदान कर दी है लेकिन हिमाचल सरकार अब तक इस ओर एक कदम भी नहीं बढ़ी। वरिष्ठ पत्रकारों को दरकिनार करने के साथ ही डिजिटल दुनिया मे वेब न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से कई वर्षों से सेवाएं दे रहे पत्रकारों को भी प्रदेश सरकार कोई तरजीह नहीं दे रही जिससे प्रदेश के वरिष्ठ और कनिष्ठ पत्रकार नाराज़ हैं। यूनियन ने सरकार से वेब न्यूज़ पोर्टल के लिए उचित पोलिसी बनाये जाने की मांग उठाई और साथ ही पत्रकारों के कल्याण के लिए राज्य में पत्रकार कल्याण बोर्ड का गठन किए जाने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की।

वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष उठाए गए नेशनल रजिस्टर फ़ॉर जर्नलिस्ट के मुद्दे पर भी मंथन किया गया और प्रदेश सरकार से भी इसी तर्ज पर प्रदेश के पत्रकारों के लिए रजिस्ट्रेशन करने की मांग रखी गई ताकि फेक न्यूज़ और फर्जी पत्रकारों पर अंकुश लगाया जा सके।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष मोहन चौहान ने यूनियन के पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि वह संगठन और पत्रकार हित में कार्य करने का भरसक प्रयास करेंगे और हर स्तर पर पत्रकारों की मांगों को उठाकर उनका निराकरण किया जाएगा।

वहीं प्रदेश अध्यक्ष रणेश राणा ने संगठन की अब तक कि गतिविधियों से रूब रू करवाते हुए कहा कि जल्द ही प्रान्त स्तरीय सम्मेलन करवाया जाएगा। जहां प्रदेश के पत्रकारों की विभिन्न मांगों पर मंथन कर ज्ञापन तैयार किया जाएगा। जिसे प्रदेश और केंद्र सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन बिना किसी राग द्वेष के समस्त पत्रकारों के कल्याण के लिए कार्य कर रहा है और पत्रकारों की लड़ाई को हर मोर्चे पर लड़ने के लिए कृतसंकल्प है। जब तक पत्रकारों की मांगों पर सरकार गौर नहीं करती लड़ाई जारी रहेगी। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के समस्त पत्रकारों और पत्रकार संगठनों से एक जुट होकर आगे आने का आह्वान किया है।

एनयूजेआई हिमाचल की मुख्य संरक्षक अर्चना फुल ने कहा कि वह डेढ़ दशक पूर्व इस संगठन से जुड़ी थी और तब संगठन ने वेज बोर्ड को लेकर प्रदेश व केंद्र सरकार के समक्ष लड़ाई लड़ने के साथ ही कोर्ट में भी लड़ाई लड़ी और वेज बोर्ड को लागू करवाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान निभाया था। अब एक बार फिर सभी पत्रकारों को साथ मिलकर वर्तमान परिप्रेक्ष में उभरी समस्याओं के समाधान के लिए एक जुट होकर लड़ना होगा। एकता में ही बल है इसीलिए दृढ़ निश्चय के साथ कार्य करने की जरूरत है।

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