चम्बा ! चम्बा के परिधिगृह में हुआ प्रेस वार्ता का आयोजन।

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चम्बा ! डॉक्टर राजन सुशांत ने आज चंबा के परिधिगृह में एक प्रैस वार्ता की, जिसमे उन्होंने सरकार को घेरते हुए फिर से पेंशन का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि आज बेरोजगारी चरम सीमा पर है और सरकार पेंशन के नाम पर मात्र सात सौ रुपए ही रिटायरमेंट के बाद देती है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर समय रहते मजदूरों की धियाड़ी और सरकारी मुलाजिमों की पेन्शन की बहाली नहीं की तो हमे मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा।

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चम्बा के परिधिगृह में एक प्रैस को सम्बोधित करते हुए पूर्व मेम्बर ऑफ़ पार्लियामेंट व विधायक डॉ राजन सुशांत के कहा कि आज मै चम्बा में उन दो मुद्दों को लेकर आया हूँ जोकि बड़े ही गंभीर है। और वह है एनपीएस और मनरेगा।
उन्होंने बताया कि आज के समय में हिमाचल प्रदेश में दस लाख लोग बेरोजगार पड़े हुए है,और इसके इलावा तीन लाख लोग जोकि इस क्रोना महामारी के चलते अपने राज्य में आये है वह भी बेरोजगार हो चुके है।

उन्होंने कहा कि इन 13 लाख बेरोजगार लोगों को कोई रोजगार देने की कोई योजना इस सरकार की नहीं है। उन्होंने कहा कि सौभाग्य से 2005 में मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार देने की योजना बानी हुई थी अतः 2006 में सबसे पिछड़े जिले जिसमे चम्बा भी आता है इस योजना को लागु किया गया था।

उन्होंने ख़ुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस कोरोना के बीच यह मनरेगा योजना ने ही इस आपद की घड़ी में लोगों को दो वक्त की रोटी प्रदान की है।

उन्होंने कहा कि अभी देखा जा सकता है की शहरों के अंदर कोई ऐसी योजना नहीं है,और मै चाहता हूँ कि ऐसी तरह की योजना शहरों में भी लागु कर देनी चाहिए

उन्होंने महंगाई को लेकर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि आज मटर जोकि सौ से लेकर 120,रूपये तक बिक रहा है,फूल गोभी 80 से 90,रूपये में बिक गया है। आलू और प्याज़ ५० रूपये में बिक गया है ऐसे में जो लोग 198 रूपये मनरेगा में काम कर रहे है उनको तो अपना परिवार तक चलाना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि आज मैने सरकार से मांग की है कि 2019 के आंकड़े और किये गए सर्वे के अनुसार जिस तरह से धियाड़ी होनी चाहिए वह नहीं हुई है इसलिए में आज अपनी हिमाचल फ्रंट की और से राज्य सरकार से मांग करता हूं कि मनरेगा में काम करने वालो की धियाड़ी को चार सौ कर देना चाहिए।

इस प्रैस वार्ता में हिमाचल फ्रंट के संस्थापक डॉ राजन सुशांत ने हिमचाल के सभी कर्मचारियों से अपील करते हुए आने वाले कुछ दिनों में हम सरकार को इन मुद्दों में घेरेंगे और आप सभी लोगों को इसमें आना ही होगा ताकि हम प्रदेश सरकार पर दबाब बना सके जिसके चलते ओल्ड पेन्शन सिस्टम लागु हो सके।

उन्होंने प्रदेश मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि यह आंदोलन कंही आपके हाथ से न निकल जाये। उन्होंने कहा कि आज एक लाख परिवारों का सवाल है और हजारो की संख्या में लोग रिटार्ड होकर आ रहे है जिसको की सात सो रूपये पेन्शन दे रहे है जोकि सरासर अन्याय है और मै ऐसा होने नहीं दूंगा,और लोगों को भूखे मरने नहीं दूंगा ।

उन्होंने कहा कि मैने एक विधायक और एम पी के नाते अपनी मिलने वाली पेन्शन को 5,अगस्त 2020 से छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि जब मै अपनी पेंशन को छोड़ सकता हूँ तो जो मेरे साथी राजनीती में है तो वह अपनी जगह इस मिलने वाली पेंशन को क्यों नहीं छोड़ रहे है।

उन्होंने इस प्रदेश सरकार को नालायक सरकार की उपमा देते हुए कहा कि आज यह सरकार बिना प्रधानाचार्य के कॉलेज को चला रही है और सहायक प्रिंसिपल भी बिना प्रमोशन के रिटायर्ड होक जा रहे है।

उन्होंने अपनी हिमाचल फ्रंट की और से मांग करते हुए कहा कि हम सरकार से मांग करते है कि एक महीने के अंदर अंदर हमारे पुलिस के भाइयो को तीन साल के कॉन्ट्रेक्ट से पहले पक्का करो और ओवर टाइम 2020 की सेलरी के हिसाब से दो।

हिमाचल फ्रंट के संस्थापक राजन सुशांत ने सरकार को फिर से चेताते हुए कहा कि समय रहते सरकार ने इन लोगों की मांगो को नहीं माना तो मजबूरन हमे लोगों के साथ आंदोलन को उतरना पड़ेगा।

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