शिमला ! विपक्षी नेता आरोप लगाने में थोड़ा संयम बरते – मुख्यमंत्री !

0
1680
- विज्ञापन (Article Top Ad) -

शिमला ! सीएम ने विपक्षी नेताओं को भी कड़े लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा कि आरोप लगाने में थोड़ा संयम बरते । अभी महामारी से लड़ने का वक्त है आप भी मदद के लिए आगे आएं और राजनीतिक उछल कूद बंद करें सीएम ने कहा कि जब देश प्रदेश इतने बडे संकट से लड़ रहा है लेकिन विपक्ष के लोगों ने ऐसे में केवल राजनीति ही कि इसके अलावा किसी तरह की कोई मदद और सेवा नही की।

- विज्ञापन (Article inline Ad) -

सीएम ने कहा देश प्रदेश में इस दौर की बड़ी कन्फ्यूजन रही, लेकिन सभी ने ईमानदारी से संकट के बावजूद हिमाचल प्रदेश के लोगों का सराहनीय योगदान और सहयोग मिला। सीएम ने मीडया की कोरोना काल में बड़ी और संवेदनशील भूमिका के लिए आभार जताया ।

ये संकट अचानक आया लेकिन इसके बावजूद देश के प्रधामनंत्री ने इस महामारी को हौंसले के साथ लड़ा और देश के लोगों ने पीएम के आवाहन को पूरी शिद्दत से लड़ा और आज देश प्रदेश दुनिया के बड़े देशों के मुकाबले कहीं बेहतर स्थिति में है। इस दौर में स्वास्थ्य सम्बंधी सभी जरूरी साजो सामन और उपकरण उसी देश से आ रहे थे जहां से इस संक्रमण का जन्म हुआ है। आज आपदा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हमारे देश की मानव शक्ति किसी भी आपदा और संकट से लड़ कर बाहर निकल सकती है।

प्रदेश में इस संकट के दौरान हिमाचल ने अपने आपको बचाये रखा और एक वक्त आया कि प्रदेश में केवल एक ही मरीज रह गया था, लेकिन परिस्थितियां बदली और बाहरी राज्यों में फंसे अपने लोगों का जीवन बचाना और उनको सुरक्षा देना ज़रूरी लगा और कोरोना के मामले बढ़ने के साथ अपने लोगों को बाहरी प्रदेशों से घर लाने का निणर्य लिया।
इन हालातों में अपनों को सरकार का सहयोग और साथ ज़रूरी लगा और आज प्रदेश के सभी लोग अपने प्रदेश में पहुच गए है।

सरकार ने करीब 4 करोड़ खर्च करके सवा दो लाख लोग हिमाचल पहुंचाए गए सीएम ने कहा को इस तरह की अफवाह और बदनाम करने की साजिश रचने वालों के खिलाफ सरकार एफआईआर दर्ज कर उसकी जमीन के नीचे से खोज कर सामने लाएगी । सीएम ने कहा कि कांग्रेस के 12 करोड़ का बिल कोविड काल मे हिमाचल में काम करने के बदले अपनी पार्टी हाईकमान को भेजा है लेकिन किसी ने इन लोगों को काम करते हुए नही देखा । अपनी पार्टी तक से जो संगठन फर्जीवाड़ा करता है उनका कौंन विश्वास करेगा । आजतक के कुल एक्टिव मामलों में 86 लोग महाराष्ट्र से और 162 लोग दिली से लाये गए पोस्टिव पाए गए । जबकि शुरू में 26 लोग सीधे तबलीग से ही पॉय गए थे !

कोरोना टूरिज़म को लेकर सीएम ने कहा कि इस विषय को गलत तरीके से देखा गया। इसका मतलब ये नही था कि कोरोना मरीजों को यहां लाया जाएगा बल्कि इसका मतलब ये था कि जो लोग कोरोना संक्रमित नही है लेकिन प्रभावित इलाकों से बाहर आकर आराम करना चाहते है ये उनके लिए था । सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कोई किसी गलतफहमी में न रहें किसी को भी गलती करने पर बख्शा नही जायेगा । पीपीई किट को लेकर अधिकारी की सूंचना मिलते ही तुरन्त प्रभाव से कार्यवाही की गई। तुरंत प्रभाव से निलंबित कर आगे को कानूनी कार्यवाही के दायरे में लाया गया ।

भविष्य के लिए साफ संदेश दिया गया है कि जनता के साथ इस मुश्किल दौर में कोई लाभ लेने का सोचे भी नहीं सीएम ने एक गुमनाम पत्र जिसमे वेंटीलेटर खरीद घोटाले का जिक्र किया जा रहा और इसको वायरल किया जा रहा है। लेकिन सरकार ने अपनी सभी जांच एजेंसियों को इसके पीछे लगाया है लेकिन इसके होने की कहीं से कोई जनाकरी नही मिली यानी कुछ लोग प्रदेश में इस महामारी के दौर में भरम फैलाने का काम कर रहें है।

हिमाचल प्रदेश को भाजपा शासित राज्यों में सी वोटर सर्वे में हिमाचल को 7वा रैंक मिलना कोविड काल मे बड़े काम का नतीजा है ! भाजपा अध्यक्ष के इस मामले में इस्तीफे को लेकर सीएम ने कहा कि अध्य्क्ष पर किसी तरह का दबाव नहीं था, और उन्होंने केवल कुछ सवालों को ध्यान में रखते हुए कहा कि इन मामलों में सरकार का ज्यादा हस्तक्षेप नही है। लेकिन संगठन के निणर्य पार्टी हाई कमान लेती है। इसमें भी पार्टी हाई कमान ने अध्य्क्ष का इस्तीफा मंजूर किया है। लेकिन पूरे मामले मे किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी ! हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधलियों के आरोप लगाने वाली पार्टी को प्रदेश हाईकोर्ट से जो तमाचा लगा है वो इनके मुह से नकाब हटाने और फरेब की राजनीति करने का सबसे बड़ा सबूत है

वेंटिलेटर खरीद मामले में कुछ लोग प्रदेश सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है जबकि जिस वेंटीलेटर का जिक्र कथित वायरल किये जा रहे पत्र में किया जा रहा है वो उसी कंपनी का डेमो वेंटीलेटर की कीमत का है जिसको लोगों या कंपनियों को दिखाने के लिए रखा जाता है । जिसकी सिक्योरिटी भी बाद में कंपनी वापिस करती है। उसकी जो कीमत आढ़ाई लाख बताई जा रही है। जबकि असली वेंटिलेटर की कीमत कुल मिलाकर 10 लाख 30 हज़ार के करीब है जो हरियाणा और ओडिसा सरकारों को भी कंपनी ने इसी कीमत पर उपलब्ध करवाई है। जिसकी डिटेल जेम पोर्टल पर उपलब्ध है।

- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

पिछला लेखजुब्बल-नावर और कोटखाई क्षेत्र के लोगों ने किया एचपी एसडीएमए कोविड-19 एसडीआरएफ में अंशदान !
अगला लेखबिलासपुर ! संस्था डॉ अब्दुल कलाम सोसाइटी फ़ॉर ह्यूमन अवेयरनेस के ज़िला कार्यालय का उदघाटन !