सुंदरनगर ! वेंटिलेटर सुविधा न मिलने से नवजात बच्चे की मां ने तोड़ा दम !

नेरचौक मेडिकल कॉलेज को कोविड 19 अस्पताल घोषित करने से बिगड़ी व्यवस्था।

0
1542
- विज्ञापन (Article Top Ad) -

सुंदरनगर ! एक गर्भवती महिला द्वारा सिविल अस्पताल सुंदरनगर में साधारण डिलीवरी द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ने पर पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया है। हैरानी की बात यह है कि अगर प्रसूता को मेडिकल कॉलेज में मौजूद वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध हो गई होती तो आज वह भी अपने परिवार के साथ हंसी खुशी रह रही होती।

- विज्ञापन (Article inline Ad) -

जानकारी के अनुसार सुंदरनगर उपमंडल के गांव मलोह निवासी 32 वर्षीय मीना देवी ने डिलीवरी के लगभग एक घंंटे के बाद आई जटिलता के बाद वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध हो पाने के कारण पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचते ही दम तोड़ दिया गया है। मामले में सुंदरनगर सिविल अस्पताल में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. आलोक शर्मा द्वारा मीना देवी की सफल डिलीवरी करवाने के बाद अस्पताल में एडमिट किया गया था। अस्पताल में कुछ समय के बाद अधिक रक्त स्त्राव होने के कारण उसकी स्थिति नाजुक बन गई।

इसके उपरांत डा. आलोक शर्मा द्वारा मेडिकल कॉलेज नेरचौक में स्त्री रोग विभाग में मीना देवी की बिगड़ रही हालत के बारे में जानकारी भी दी गई। लेकिन कोविड-19 अस्पताल होने के कारण मेडिकल कॉलेज से मीना देवी के केस को लेने से मना कर दिया गया। इसके चलते स्त्री रोग विशेषज्ञ ने एमरजेंसी डयूटी को छोड़ते हुए बिना समय गवाए उक्त महिला के साथ जोनल अस्पताल मंडी पहुंचे। वहीं जोनल अस्पताल मंडी में मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम और डा. आलोक द्वारा महिला का सफल आप्रेशन भी कर दिया गया।

लेकिन महिला को उस समय आप्रेशन के बाद वेंटिलेटर की दरकार थी और मेडिकल कॉलेज नेरचौक में वेंटिलेटर सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद मीना देवी को न मिलने के कारण पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचते ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अगर वेंटिलेटर की सुविधा मृत महिला को नेेेरचौक मेडिकल कॉलेज में मिल गई होती तो महिला बच सकती थी।

- विज्ञापन (Article Bottom Ad) -
पिछला लेखचम्बा ! शिव भूमि सेवा दल की अगुवाई में महिलाएं भी ले रही भाग।
अगला लेखशिमला ! मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए घर से अध्ययन कार्यक्रम की घोषणा की !

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें