सराज घाटी ! राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आयुष चिकित्सक भी करोना कि जंग में शामिल !

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जंजैहली ! कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सरकार हर स्तर पर प्रयास कर रही है इसके साथ कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए आरबीएसके आयुष चिकित्सक भी मैदान में डटे हैं !

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बाहर से आए हुए लोगों की स्क्रीनिंग से लेकर निगरानी तक कर रहे हैं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आयुष चिकित्सक
हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्य कर रहे 272 आयुष चिकित्सक विभिन्न तरह से हिमाचल के कोने कोने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रहे हैं आरबीएसके चिकित्सक विभिन्न टीमों के माध्यम से घर-घर जाकर एसीएफ कंपेन में भाग ले रहे हैं जिसमें अलग-अलग परिवार का ब्यौरा इकट्ठा किया जा रहा है तथा उसी दिन उसकी ऑनलाइन एंट्री की जा रही है इसके साथ-साथ प्रदेश के कुछ इलाकों में आरबीएसके आयुष चिकित्सकों की ड्यूटी क्वॉरेंटाइन सेंटर्स ,बैरियर ड्यूटी ,Rapid response team तथा इमरजेंसी ओपीडी में भी लगाई गई हैं

इसके अलावा विभाग में डॉक्टरों की कमी होने की वजह से पिछले 4 वर्षों से आरबीएसके आयुष चिकित्सक अपनी सेवाएं ओपीडी में भी देते आ रहे हैं यह चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग में विशेष योजना के तहत नियुक्त किए गए थे सरकार को हर तरह से सहारा दे रहे आरबीएसके आयुष डॉक्टर हर कदम पर सरकार के साथ खड़े हैं , आयुष डॉक्टर भूपेंद्र आशा वर्कर उषा कुमारी ने घर-घर जाकर सभी लोगो को उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछताछ की आज सभी लोगों से यह जानकारी भी ली कि कहीं कोई बाहर से तो नहीं आया है उनकी यात्रा के बारे में भी जानकारी ली सभी डॉक्टर लोग अपनी अच्छी सेवाएं दे रहे हैं इसलिए लोगों ने भी इन का आभार जताया है।

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