शिमला ! दिल्ली में फंसे हिमाचल के लोगों के लिए शैल्टर होम शुरू किया गया !

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काल्पनिक चित्र
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शिमला ! उप आवासीय आयुक्त हिमाचल भवन नई दिल्ली विवेक महाजन ने आज बताया कि दिल्ली में फंसे हिमाचल के लोगों के लिए शैल्टर होम शुरू कर दिया गया है।

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उन्होंने कहा कि हेल्पलाईन पर मिली सूचना के उपरांत दिल्ली में फंसे छह प्रवासी मजदूरों को आश्रय प्रदान किया गया है। ये प्रवासी मजदूर कुल्लू और लाहौल-स्पीति से संबंध रखते हैं, जो लाॅकडाउन के कारण दिल्ली में फंस गए थे।

उन्होंने कहा कि मोती नगर मैट्रो स्टेशन के नजदीक कर्मपुर सरांय में इन लोगों को निःशुल्क ठहरने और खाने-पीने की सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिसे हिमाचल सोशल बाॅडीज़ फेडरेशन के अंतर्गत केआर वर्मा, आरके शर्मा और उनकी टीम की अगुवाई में चलाया जा रहा है।

महाजन ने कहा कि विभिन्न जरूरतमंद लोगों द्वारा आवासीय आयुक्त कार्यालय में किए जा रहे फोन काॅल्स पर उचित कार्यवाही की जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा निःशुल्क राशन, आवश्यक वस्तुएं, दवाइयां इत्यादि वितरित की जा रही है।

मानवता के इस कार्य में जिन लोगों ने योगदान दिया है उनकी जानकारी देते हुए महाजन ने कहा कि आर एन शर्मा, कुलभूषण शर्मा, संजय राणा, अनीता जरयाल, वीना भदुरिया, मुकेश, रिया, मुदित, अनुज डोगरा, सतीश, सोमवीर ठाकुर, नरेंद्र चैहान ने सभी 38 जरूरतमंद हिमाचली परिवारों को निःशुल्क राशन वितरित किया।

इसके अलावा रोहिणी, बदरपुर, महरौली, छतरपुर, पांडवनगर, तुगलकाबाद, रिठाला, खुरहा काॅलोनी की बस्तियों, पेपर मार्केट, मयूर विहार फेज 3 और महिपालपुर के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को विभिन्न आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जा रही है।

उन्होंने धर्म सिंह सकलानी और अमीन चंद जसवाल का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने गुड़गांव और नोएडा में अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से इन हिमाचली परिवारों को इस आपदा की घड़ी में सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने में अपना योगदान दिया है।

हिमाचलियों द्वारा शुरू की गई अन्य सेवाओं के संबंध में महाजन ने बताया कि हिमाचली कांगड़ा निकेतन सोसायटी विकासपुरी के निवासी पिछले तीन दिनों से हिमाचली जरूरतमंद श्रमिकों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं।

द्वारका निवासी पवन शर्मा, राजेश चैधरी और संजीव डोगरा ने भी स्थानीय प्रशासन के सहयोग से 500 लोगों के लिए निःशुल्क भोजन वितरित किया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अपील पर सामाजिक संगठन जरूरमंद हिमाचलियों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठी का मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख रुपये देने के लिए धन्यवाद किया।

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